Breaking News

सगे भाई की हत्या कर जलाया शव; दो आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज

पिंपळगाव राजा (ता. खामगाव, जि. बुलढाणा) | 27 फरवरी 2026बुलढाणा जिले के खामगाव तालुका अंतर्गत राहुड गांव में एक दिल दहला देने वाली और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में एक व्यक्ति ने अपने ही सगे भाई की निर्मम और बर्बरतापूर्ण हत्या करने के बाद शव को आग के हवाले कर दिया और सबूत मिटाने की नीयत से राख को नदी में बहा दिया। इस संगीन और जघन्य मामले में पिंपळगाव राजा पुलिस थाने में हत्या का गंभीर मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। यह घटना खून के रिश्तों की पवित्रता को शर्मसार करने वाली है और पूरे राहुड गांव व आसपास के क्षेत्र में भय, आक्रोश और सनसनी फैला गई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला अपराध क्रमांक 47/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1), 238 और 3(5) के अंतर्गत पिंपळगाव राजा पुलिस थाने में दर्ज किया गया है।

इस मामले में फरियादी विलास देविदास बनसोडे (उम्र 40 वर्ष) हैं, जो पेशे से किसान और राहुड गांव के पुलिस पाटील हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि गांव के निवासी चेतन संजय इंगळे (उम्र 35 वर्ष) 25 फरवरी 2026 के बाद से अपने घर नहीं लौटे थे। चेतन के अचानक गायब होने पर संदेह गहरा होने लगा और तब विलास बनसोडे ने बिना देर किए पिंपळगाव राजा पुलिस थाने में इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थानेदार मुळीक और पुलिस कर्मचारियों ने चेतन इंगळे की तलाश में तुरंत खोज अभियान शुरू किया।

पूछताछ में कबूली हत्या

पुलिस के खोज अभियान के दौरान संदेह की सुई पीड़ित के सगे बड़े भाई रोशन संजय इंगळे (उम्र लगभग 36 वर्ष, निवासी राहुड) पर जा टिकी। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो रोशन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे किए।

रोशन ने पुलिस को बताया कि 25 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे उसने राहुड के खेत में अपने साथी और दूसरे आरोपी रवि देविदास राऊत (उम्र लगभग 36 वर्ष, निवासी महाकाल चौक, खामगाव) के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से चेतन इंगळे को खेत में बुलाया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने मौका देखकर चेतन के सिर पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे चेतन की वहीं दर्दनाक मौत हो गई।

हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों ने ठंडे दिमाग से सबूत नषट करने की साजिश रची। उन्होंने चेतन के शव को खेत में ही आग लगा दी और जब शव पूरी तरह जलकर राख हो गया, तो उस राख को नदी में बहा दिया, ताकि अपराध का कोई भी सबूत बाकी न रहे और वे कानून की पकड़ से बच सकें। लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने उनकी इस नापाक साजिश को नाकाम कर दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया घटनास्थल का दौरा

इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरी जांच-पड़ताल की। उन्होंने मौके का बारीकी से मुआयना किया और जांच को सही दिशा देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस मामले की आगे की संपूर्ण जांच **सपोनि मुळीक** के कुशल मार्गदर्शन में जारी है।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस हत्याकांड के पीछे का असली मकसद और कई और अहम खुलासे सामने आने की संभावना है।

गांव में भय और आक्रोश का माहौल

इस जघन्य और दिल को दहला देने वाली घटना के बाद राहुड गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में भय, सन्नाटा और आक्रोश का माहौल पसरा हुआ है। ग्रामीण इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि एक इंसान अपने ही सगे भाई की इस तरह बर्बरतापूर्वक हत्या कर सकता है। लोगों में इस बात का भी गहरा गुस्सा है कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को जलाकर और राख नदी में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की, जो उनकी पूर्वनियोजित और क्रूर मानसिकता को उजागर करता है।

पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानून के तहत उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।

0 टिप्पणियाँ

Type and hit Enter to search

Close