दिल्ली पहुंचा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का संस्थापक, मोदी सरकार के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन

Listen to Story AI Narrator Available
नई दिल्ली, 6 जून। सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने शनिवार को पहली बार सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनके नेतृत्व में युवाओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

30 वर्षीय अभिजीत दिपके पिछले दो वर्षों से अमेरिका में रह रहे थे। भारत लौटने से पहले उन्होंने आशंका जताई थी कि उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। हालांकि, शनिवार को वे दिल्ली पहुंचे और आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल पर एकत्रित होने के निर्देश दिए।

प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। उनका आरोप है कि देश में बार-बार होने वाली परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।

मई 2026 में शुरू हुए इस आंदोलन ने बेहद कम समय में सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता हासिल की है। इंस्टाग्राम पर इसके लगभग 2.2 करोड़ फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और रोजगार के सीमित अवसरों को लेकर यह आंदोलन तेजी से समर्थन जुटा रहा है।

हालांकि, सरकार और आंदोलन के बीच टकराव भी बढ़ा है। भारत में आंदोलन से जुड़े एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया है। इस फैसले को संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, केंद्र सरकार के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन पर देश विरोधी तत्वों से समर्थन लेने के आरोप लगाए हैं।

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह पूरी तरह शांतिपूर्ण आंदोलन है और इसका उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाना ही आंदोलन का मुख्य लक्ष्य है।

भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है। देश में लगभग 40 करोड़ लोग 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में आते हैं। रोजगार सृजन, कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण नौकरियों की उपलब्धता लंबे समय से महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में शिक्षित युवा अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आंदोलन की बढ़ती लोकप्रियता युवाओं के बीच मौजूद असंतोष को दर्शाती है। रोजगार, महंगाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दिल्ली में शनिवार का प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह आंदोलन अब जमीनी स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आंदोलन राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कितना प्रभाव डाल पाता है।
AI Executive Summary